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टैलà¥à¤•म पाउडर के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में सावधानी बरतें
गरà¥à¤® मौसम में तà¥à¤µà¤šà¤¾ की परतों को सूखा रखने के लिठटैलà¥à¤•म पाउडर लगाना à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ तकनीक है कई पीढ़ियों के माताà¤à¤‚ à¤à¤¸à¤¾ करती आई हैं।
à¤à¤¸à¤¾ करने से कोई नà¥à¤•सान नहीं है, लेकिन आपको सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि आप पाउडर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से कर रही हैं। यह देखा गया है की अगर शिशॠकà¤à¥€ सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ समय बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पाउडर अंदर ले ले, तो उसे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इसलिठजब à¤à¥€ आप शिशॠपर पाउडर लगाà¤à¤‚. तो सीधे पाउडर के डबà¥à¤¬à¥‡ या पाउडर पफ से न छिड़के। बस अपने हाथ में कà¥à¤› पाउडर ले कर शिशॠके शरीर पर हौले हौले लगाà¤à¤‚।
जब आप शिशॠकी गरà¥à¤¦à¤¨ और आस पास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पाउडर लगाà¤à¤‚, तो इस बात का जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि पाउडर इधर-उधर न उड़े, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠसांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ समय पाउडर à¤à¥€ अंदर ले सकता है।
घमौरियों के सरल घरेलू इलाज आजमाà¤à¤‚
गरà¥à¤®, आरà¥à¤¦à¥à¤° मौसम के कारण गà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€, कंधों, पीठ, नैपी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° और तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सिलवटों में घमौरियां हो जाती हैं। आप इसका इलाज कर सकती हैं।
कà¥à¤› माताà¤à¤‚ उबाले हà¥à¤ ठंडे पानी में दही या छाछ मिलाकर घमौरियों पर लगाती हैं। कà¥à¤› अनà¥à¤¯ माà¤à¤‚ मà¥à¤²à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ मिटà¥à¤Ÿà¥€ और गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¤œà¤² का लेप बनाकर लगाती हैं और 10 मिनट बाद इसे धो देती हैं। माना जाता है कि इनमें शीतलकारी और उपचारातà¥à¤®à¤• गà¥à¤£ होते हैं।
कैलामाइन लोशन घमौरियों से होने वाली खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ से राहत दे सकता है, लेकिन अपने शिशॠपर इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अवशà¥à¤¯ पूछिà¤à¥¤
कोई à¤à¥€ घरेलू उपचार इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के बारे में सावधानी बरतिà¤à¥¤ इनमें à¤à¤¸à¥€ कà¥à¤› सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हो सकती हैं, जो शिशà¥à¤“ं के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं हैं। शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤£ या इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा रहता है, विशेषकर उसके पहले छह महीनों में। इस समय उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मजबूत नहीं होती।
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